नगर निगम में मंत्री का छापा

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नगर निगम में सुबह स्थिति यह हो गई कि कुछ स्टाफ के लोग जिस हाल में थे वैसे ही ऑफिस की ओर दौड़ लिए। डॉ. गुप्ता ने नगर निगम की लेखा शाखा, तकनीकी शाखा, ऑडिट शाखा, योजना शाखा तथा संयुक्त आयुक्त और निगमायुक्त कार्यालय के स्टाफ से बातचीत भी की। उन्होंने निर्देश दिए कि निगम की सभी शाखाओं के प्रमुख अपने अपने कर्मचारियों की उपस्थिति और उनको सौंपे गए कार्यों की जांच जरूर करें। मंत्री डॉ. गुप्ता सेक्टर 29 स्थित अग्निशमन शाखा भी पहुंचे लेकिन वहां पर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। सभी स्टाफ के लोग समय पर कार्यालय में थे।
इस मौके पर मेयर मधु आजाद, विधायक सुधीर सिंगला, बादशाहपुर के विधायक राकेश दौलताबाद, पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता, भाजपा की जिलाध्यक्ष गार्गी कक्कड़, अनिल यादव, मनीष गाड़ौली आदि मौजूद थे।
मंत्री के सामने उछल गए निगम के भ्रष्टाचार के मामले
गुरुग्राम। प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद भवन में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जब पत्रकारों से बातचीत के लिए रूबरू हुए तो उनके सामने नगर निगम में हुए भ्रष्टाचार के एक के बाद एक मामले लाए गए। इससे हतप्रभ मंत्री ने कहा कि वह इन सभी की गहराई से और गंभीरता से जांच कराएंगे। साथ ही अधिकारी कार्यशैली में सुधार लगाएं। चूंकि उन्हें मंत्रालय संभाले कुछ ही दिन हुए हैं इसलिए अभी इन सभी की जांच के लिए कोई समय सीमा बता देना भी संभव नहीं है।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि उनके सामने सीएनडी वेस्ट घोटाला, गुरुग्राम निगम का पैसा फरीदाबाद निगम को दिए जाने का मामला आया है। इसके अलावा , काली सूची में डाली गई कंपनी को भुगतान, नगर निगम मानेसर में 30 गांव के लोगों के पंचायत किए जाने तथा नगर निगम क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के मामलों को भी संज्ञान में लाया गया।
पत्रकारों से बातचीत में डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस समय कोई गैर पुष्टि वाली बात कहूं तो वह ठीक नहीं होंगी। अधिकारियों से कहा है कि गलत काम के लिए किसी की भी बात नहीं मानना। सही काम को रोकना नहीं है। जहां तक घोटालों और अनियमितताओं की बात है तो इस पर अधिकारियों से चर्चा हुई है। इसको लेकर हम गंभीर हैं। इससे पहले अधिकारियों के साथ बैठक में डॉ. गुप्ता ने कहा कि कार्यालयों में समयबद्धता का पालन करें।
बैठक का समय सुबह 11.30 बजे का था। मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने ठीक 11.31 बजे सभागार के दरवाजे बंद करवा दिए। मंत्री ने मंच से ही निर्देश दे दिया कि अब किसी भी सरकारी अधिकारी को अंदर नहीं आने दिया जाए। यही नहीं बैठक में मंत्री ने जलपान सर्व करने वालों को भी कह दिया कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बाद वह बाहर चले गए। उन्होंने अधिकारियों को भी नसीहत दी कि वह अपने स्टाफ के साथ संवाद करें। बैठक में अतिरिक्त म्यूनिसिपल कमिश्नर रोहताश बिश्नोई, संयुक्त आयुक्त सतीश यादव, संजीव सिंगला एवं हरीओम अत्री आदि मौजूद थे।
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